☘️चैत्र नव वर्ष☘️
चैत्र ,नव वर्ष आज सम्मान।
गुड़ीपाड़वा ,सनातन शान।।
आम्र वृक्ष कोयल सुर गाए।
स्वर मधुरा आगमन सुनाये।
वासंती मधुशाम।।१।।
रवि किरणों की दिव्य शोभा।
प्रातः सुनहरी अवनी आभा।
झरना मंगल गान।।२।।
ब्रह्मा किन्ही सृष्टि उत्पति।
चौरासी जीवन की दृष्टि।
आध्यात्मिक गुरु ज्ञान।।३।।
चैत्र,नाम क्रोधी, संवतसर।
नवरात्रि, श्रीराम प्रभुवर।
जन मन प्रिय श्रीराम।।४।।
अभिनंदन संवत्सर नूतन।
आज अयोध्या आनंद जनमन।
गूंज विजय श्री राम ।।४।।
गुड़ी पाड़वा ,सनातन श्याम।
@ विजय डांगे
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