Wednesday, April 10, 2024

अनिल पांचाल सेवक

*नव वर्षाभिनंदनम्*   🌈
*विक्रम संवत २०८१,*🌈
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*स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा*
*अभिनंदन नववर्ष तुम्हारा*
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*देकर नव प्रभात विश्व को*
*हरो त्रस्त जगत अंधियारा*
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*हर मन को दो तुम आशा*
*बोलें सभी प्रेम की भाषा*
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*समझें जीवन की सच्चाई*
*पाटे सब कटुता की खाई*
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*जन-जन में सद्भाव जागे*
*घर घर में फैले उजियारा*
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*मांगें प्रदाता से हम ये वर*
*प्रसन्न रहे हम जीवन भर*
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*स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा*
*अभिनंदन नववर्ष तुम्हारा*
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*अनिल पांचाल सेवक*✒️
=====उज्जैन=======👉

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