Saturday, April 6, 2024

मनीषी सिन्हा

नव संवत्सर 
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प्रखर रश्मियाँ कर रहीं आवाहन 
मंगलमय हो नववर्ष का आगमन 
चैत्र प्रतिपदा शुक्लपक्ष है पावन 
माँ दुर्गा का नवरात्रों में शुभागमन
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !

द्वार पर लहरे धर्म ध्वजा सनातन 
शंखध्वनि से पवित्र हो घर आँगन 
दुख दारिद्र्य हरे मंत्रोच्चार गायन 
शुभ संकल्पित हो कलश स्थापन 
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !

जीर्ण शीर्ण को त्याग रही उपवन 
प्रकृति ओढ़ रही हरित नव वसन 
आह्लादित हो रही है अल्हड़ पवन 
पीतपर्ण झड़े,उग रही कली सुमन 
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !

उमंग उल्लास बढ़ा रही नव चेतन 
वासंतिक छटा मनहर नव चिंतन 
शुभ ऊर्जा भाव से सजे नव सृजन 
सुखद संयोग लाए यह वर्ष नूतन 
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !

गौरवमय इतिहास का करें अनुसरण 
सब भारतीय संस्कृति का रखें स्मरण 
निभाकर अपनी परंपरा और आचरण 
सहर्ष करें भारतीय नववर्ष में पदार्पण
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !

- मनीषी सिन्हा 
- गाजियाबाद , उ॰ प्र॰
- ⁠स्वरचित , अप्रकाशित

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