नव संवत्सर
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प्रखर रश्मियाँ कर रहीं आवाहन
मंगलमय हो नववर्ष का आगमन
चैत्र प्रतिपदा शुक्लपक्ष है पावन
माँ दुर्गा का नवरात्रों में शुभागमन
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !
द्वार पर लहरे धर्म ध्वजा सनातन
शंखध्वनि से पवित्र हो घर आँगन
दुख दारिद्र्य हरे मंत्रोच्चार गायन
शुभ संकल्पित हो कलश स्थापन
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !
जीर्ण शीर्ण को त्याग रही उपवन
प्रकृति ओढ़ रही हरित नव वसन
आह्लादित हो रही है अल्हड़ पवन
पीतपर्ण झड़े,उग रही कली सुमन
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !
उमंग उल्लास बढ़ा रही नव चेतन
वासंतिक छटा मनहर नव चिंतन
शुभ ऊर्जा भाव से सजे नव सृजन
सुखद संयोग लाए यह वर्ष नूतन
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !
गौरवमय इतिहास का करें अनुसरण
सब भारतीय संस्कृति का रखें स्मरण
निभाकर अपनी परंपरा और आचरण
सहर्ष करें भारतीय नववर्ष में पदार्पण
नव संवत्सर स्वागतम !
नव संवत्सर स्वागतम !
- मनीषी सिन्हा
- गाजियाबाद , उ॰ प्र॰
- स्वरचित , अप्रकाशित
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