Tuesday, April 9, 2024

डॉ. कन्हैया साहू 'अमित'

16 -12-15 मात्राभार
नवगीत - स्वागत भारतीय नववर्ष

मौसम जब मधुमास बना तो,
स्वागत भारतीय नववर्ष। 

बाग बगीचे सुमन सजीले,
मंद-मंद सब महकें।
परम प्रीत की पाकर परिमल,
कीट पतंगा बहकें।
मधुकर जब बदमास बना तो,
स्वागत भारतीय नववर्ष।-1

तापमान सम मनहर मौसम,
सबको सहज सुहाते।
सरसो सेमल टेसू महुआ,
बरबस पथ भरमाते।
आम दिवाने खास बना तो,
स्वागत भारतीय नववर्ष।-2

चैत्र शुक्ल की प्रथम दिवस पर,
घर-घर में खुशहाली।
नूतन कोंपल वृक्ष लता पर,
अभिनव है हरियाली।
नयन अमित सुखदास बना तो,
स्वागत भारतीय नववर्ष।-3

सर्जक- डॉ. कन्हैया साहू 'अमित'
शिक्षक- भाटापारा छत्तीसगढ़
चलभाष- 9200252055

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