नव वर्ष
हर्ष उत्तकर्ष के साथ नव वर्ष आया,
चैत के प्रारम्भ से नव वर्ष आया,
आया खुशी और उल्लास आया,
जोशो खरोश के साथ नव वर्ष आया ll
चैती दुर्गा पूजा का निमंत्रण आया,
चैती छठ का पर्व आया,
आया त्यौहार मन में उमंग छाया,
जीवन का सुखद पल आया l
गया मातम, गया पतझड़,
हंसी और खुशी के साथ फूल खिलखिलाया,
हिमालय से पिघला बर्फ
और धरा पर मुस्कुराया ll
बदल रहीं है काया,
बदल गई है माया,
बदल रहा है मौसम ,
देखो ना सावन आया l
हर्ष उत्तकर्ष के साथ नव वर्ष आया,
चैत के प्रारम्भ से नव वर्ष आया ll
राही राज़
बेंगलूरू
26/3/23
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