शीर्षक "हिन्दू नव वर्ष "
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01,03,2024,
चैत्र माह प्रतिपदा है पावन,
शुरू होता हमारा नया सालधन
व्यापारीगण,अग्रवाल बंधुऔं के लिए है सुखद,श्रीसमृद्धि,गजानन।।
नया खाता बहि का होता पूजन
नया कारोबार का भी श्रीगणेश
लाभ,हानि का करें लेखाजोखा
अंग्रेजी वर्ष से न तालुकात। ।
रामधारी दिनकर प्रबल विरोधी,
क्या जरूरत है कि पाश्चात्य का
अंधानुकरण,जब खुद-ब-खुद,
हमारा है राष्ट्रीय कैलेण्डर,राम।।
जनवारी को नया साल का जश्न
उन्हौने उठाया था विरोध,प्रश्न,
हमारा भारतवर्ष है सर्वोत्तम,
इसे नहीं आवश्यकता कोई,दुजा।।
प्राच्य का पाश्चात्य सभ्यता,से,
अनुकरण,रात्रि जागरण,मदिरा
पान,अर्धनग्न पोशाक,पहनावा,
कतई नहीं शीलता का प्रतिनिधि।।
रामायण,महाभारत,गीता-वाणी
साक्षात है सर्वोच्च,धर्म-परायण
हमारा सभ्यता,संन्कृति,उत्तम,
चिर पूरातन नित्य नूतन,संम्बदसर।।
दिनकर जी का वेवाक वाणी,
आज की परिप्रेक्ष्य में सटीक,
सालों पहले का आंकलन,कवि,
शिरोमणि,है सत्यपरक,अमूल्य निधि।।
प्रेषिका
श्रीमती अरुणा अग्रवाल
लोरमी, जिला मुंगेली, छ, ग,
संपर्क: 9981830087
शीर्षक "चैत्र शुक्ल प्रतिपदा"
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03,04,2024,
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है सुहाना,
भारतीय नववर्ष का आगमन,
प्रकृति में नया यौवन विहार,
सरसों फूल पीला लगे मनोहर।।
प्रकृति का देख रूप मनहरण
कविवर दिनकर प्रसन्नचित्त-मन
मानो हरा सारी,पीला है किनारा
ईश्वर का कायानात,अलौकिक।।
अंग्रेजी नववर्ष का नहीं काम,
प्राच्य है विकासशील,उत्तम,
पाश्चात्य का न करो अनुकरण
नैतिक अधोपतन का है कारण।।
आर्यावर्त का सभ्यता,संन्सृति,
शिखरस्त है लिऐ नव जागृति
विश्व-गुरू है और रहेगा सदा,
अन्नपूर्णा का बास है सर्वदा।।
यूनान,रोमा,मिश्र का पतन,
पर मेरा भारत है सर्वोच्च-धन
किसी आततायी में नहीं दम,
नव संवत्सर,का हो स्वागत-राम।।
प्रेषिका
श्रीमती अरुणा अग्रवाल
लोरमी, जिला मुंगेली, छ, ग,
संपर्क: 9981830087
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