Sunday, April 7, 2024

शारदा राम मालपानी

राष्ट्रकवि दिन सम्मान २०२४ के लिए प्रेषित रचना....

🖊️🌹 शीर्षक....... नव वर्ष  की अगवानी

गत वर्ष अब बीत गया है
आई नववर्ष की भोर सुहानी
आओ हम सब मिलकर करें 
नववर्ष की करे  हम अगवानी ।1। 

नव वर्ष‌‌ देखो लेकर आया है 
नई उमंगे एवम  नई आशाएं
नव उम्मीद और नए सपने 
हम अपनी आंखों में सजाए। 2 ।
 
मां महालक्ष्मीजी भरे  तिजोरी
हर ख्वाहिश हो हमारी पूरी 
सभी धर्म मिलकर रहे यहां पर
कोई कामना  ना रहे अधूरी । 3 ।

आरोग्य सभी का रहे अच्छा 
योगा प्राणायाम  हररोज करें
दीन दुखियों की मदद करें  हम
सबकी झोली खुशियों से भरे । 4।

नव वर्ष में हर घर-परिवार में
सुयश खुशियों के फूल खिले
बिछड़े हुए  सभी परिजनों के
आपस में दिल से दिल मिले  । 5।

चेहरे पर हो  प्यारी सी मुस्कान 
 ग़मगीन उदासी ना छाये
जीवन की  हर प्रभात नवचेतना
 नई उमंग लेकर के आए । 6 l

आओ हम सब मिलकर गाए
 नए साल के  नए-नए तराने 
दुखद गत वर्ष अब बीत गया 
भूला दीजिए सब किस्से पुराने । 7‌।

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🖊️🌹 सौ  शारदा राम मालपानी अमरावती .महाराष्ट्र
(विकर्णी)©️®️

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